जिसने आकाश, पृथ्वी और सूर्य को स्थिर किया है, वह आनंदस्वरूप परमात्मा ही हमारे लिए पूजनीय है।
क्या आप इन मंत्रों का या उनके विस्तृत अर्थ के बारे में और अधिक जानना चाहेंगे?
इन 8 मंत्रों का संक्षिप्त सार यहाँ दिया गया है:
वह अपनी महिमा से इस चर-अचर जगत का एकमात्र राजा है। वह मनुष्यों और पशुओं का रक्षक है।